December 6, 2021
फ़ेक्ट चैक

मोदी का विरोध कर खुद को बताते हैं सेकुलर, बैलेंस करने फैला रहे हैं "इस्लामोफोबिक फेक न्यूज़"

मोदी का विरोध कर खुद को बताते हैं सेकुलर, बैलेंस करने फैला रहे हैं "इस्लामोफोबिक फेक न्यूज़"

सोशल मीडिया में आये दिन किसी न किसी विषय पर चर्चा चलती रहती है. इसी बीच फेक न्यूज़ और फोटोशॉप की हुई पिक्स का भी खूब उपयोग होता है. झूठी जानकारियाँ पहुंचाने में राजनीतिक पार्टियों के आईटी सेल के लोग अग्रणी भूमिका निभाते दिखते हैं. इसी तरह का एक तबक़ा है, जो खुद को नास्तिक बताते हुए सोशल मीडिया में एक बड़े वर्ग के साथ जुड़ा हुआ है ये तबका. घोर इस्लामोफ़ोबिक है, ये तबका पीएम मोदी का भी विरोध करता है. उसे ही मेंटेन करने के लिए कई बार फेक न्यूज़ भी फैलाते देखा जाता है.
ऐसे कई लोग सोशल मीडिया में सक्रीय हैं, उन्ही में से एक राजीव त्यागी नामक व्यक्ति भी हैं. जो खुदको नास्तिक कहते हैं और सोशलमीडिया में इस्लामोफोबिक पोस्ट करते रहते हैं. उनकी एक पोस्ट पर झूठ को सोशल मीडिया यूज़र्स ने पकड़ लिया. इस पोस्ट में एक दाढ़ी वाले मुस्लिम व्यक्ति को वो मौलाना बता रहे हैं. और उसके नाम से यहूदियों और हिन्दुओं को भड़का रहे हैं. जब इसकी जांच की गई तो पता चला कि ये तो खुद  हेट क्राइम का शिकार मुस्लिम व्यक्ति है.

 

इस तरह की पोस्ट भाजपा और संघ से जुड़े लोग ही नहीं बल्कि खुद को प्रोग्रेसिव बताने वाले और नास्तिकता का दावा करने वाले कई लोग करते हैं. जो कि एक वर्ग विशेष के प्रति लोगों को भड़काता है. उनके इस इस्लामोफोबिक रवैये के कारण ही आज सांप्रदायिक शक्तियों को ताक़त मिलती आई है. इस तरह की पोस्ट पर प्रोग्रेसिव होने का दावा करने वालों की तरफ से कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर पत्रकार मोहम्मद अनस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है.

पत्रकार मोहम्मद अनस राजीव त्यागी की पोस्ट के सम्बन्ध में प्रतिक्रिया देते हुए लिखते हैं

Pratik Sinha को लगातार इस पोस्ट पर लोग मेंशन कर रहे थे लेकिन प्रतीक घोड़ा बेच कर तमाशा देख रहे हैं. @Alt news के को-फाउंडर प्रतिक सिन्हा ने आज तक एक भी ऐसी स्टोरी नहीं कि जिससे फेसबुक पर इस्लामोफोबिक तारेक फतेह, उसके सोकॉल्ड सेक्यूलर/एथीस्ट फॉलोवर्स का एंटी इस्लामिक प्रोपगेंडा और हेट पकड़ में आए.
प्रतीक पॉलिटिकल बैलेंस बनाने के लिए विधायक Jignesh Mevani के ट्वीट पर तुरंत स्टोरी बना देते हैं लेकिन प्रतिक को तारेक फतेह का फेसबुक वॉल नहीं दिखता जहां हर दिन झूठ फैलाया जाता है।
प्रतीक को राजीव त्यागी का नस्लवाद नहीं दिखता। राजीव ने एक दाढ़ी टोपी वाले मुसलमान शख्स जिसे की मुसलमान होने पर पीटा जाता है कि तस्वीर एक फर्जी बयान के साथ अपने वॉल पर साझा करके इस्लाम का मज़ाक उड़ाता है। राजीव दिन भर एंटी मोदी प्रोपगेंडा करता है जिस कारण अपर कॉस्ट,अर्बन हिंदू उसे नापसंद करते हैं। राजीव उनके बीच बने रहने के लिए हर शाम इस्लामिक थॉट्स और बिलीफ का मज़ाक उड़ाता है। उसकी यह हरकत अर्बन इलीट मुसलमान इग्नोर कर देता है क्योंकि राजीव त्यागी एंटी मोदी है।
मै इसलिए ही मुसलमानों से कहता रहता हूं कि वे प्रतिक हों या फिर राजीव अथवा संजीव भट्ट या फिर आचार्य प्रमोद कृष्णन जैसे मोदी विरोधी, इन पर आँख बंद करके भरोसा मत कीजिए। ये लोग हमारे बीच रह कर हमारे विक्टिमाईजेशन से नाम और पैसा कमाते हैं और हमेशा हमें ठगते हैं। ये इनका सिस्टम है। इसमें घुस कर इनकी अक्ल ठीक करने के लिए खुद को मजबूत बनाना होगा। इनसे सवाल करते रहिए। मोदी का विरोध, सेक्यूलरिज्म का सर्टिफिकेट नहीं होता

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