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वीडियो – क्या अररिया का यह वायरल वीडिओ फ़र्ज़ी है ?

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सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ लड़के भारत विरोधी नारे लगाते दिखाई दे रहे हैं. यह विडियो यूपी और बिहार के उपचुनावों के परिणाम आने के बाद आया है. चुनाव में भाजपा के हारने के बाद भाजपा समर्थित सोशलमीडिया अकाउंट्स से यह वीडियो वायरल किया जाने लगा.
जब यह वीडियो वायरल हुआ तो, मेनस्ट्रीम मीडिया ने भी इस पर न्यूज़ दिखाना शुरू कर दिया. एक भी मीडिया चैनल ने भी वीडिओ के सहीह है या गलत इस पर चर्चा नहीं की, बल्कि सभी यह कह कर दिखाने लगे कि अररिया में लगे भारत विरोधी नारे.
पर सच्चाई से पर्दा तब उठ गया जब झूठी ख़बरों का पर्दा फाश करने वाली वेबसाईट altnews.in ने यह खुलासा किया किइस वीडिओ में आवाज़ और होठों का कोई संबंध नहीं मिल रहा है. इसकी सारी डिटेल आल्टन्यूज़ ने अपनी वेबसाईट में किया है.
पर जब तक यह खुलासा होता, तब तक वीडिओ में दिख रहे दोनों व्यक्तिययों की गिरफ्तारी हो चुकी थी. भाजपा नेताओं और मीडिया द्वारा किये गए हंगामें के बाद दोनों लड़कों की गिरफ्तारी की गई.
इस वीडिओ को गौर से देखने पर पता चलता है, कि यह एक फ़र्ज़ी वीडिओ है, जिसे छेड़छाड़ करके वायरल किया गया है.
ज्ञात होकि चुनावों के दौरान बिहार भाजपा अध्यक्ष ने कहा था, कि यदि आरजेडी जीतती है, तो अररिया ISI का गढ़ बन जायेगा.
कौन लोग हैं, जो देश में इस तरह के झूठ के ज़रिये पूरे के पूरे एक समुदाय को लगातर कटघरे में खड़ा कर रहे हैं. इस तरह के फ़र्ज़ी वीडिओ से चुनावी फ़ायदा लेने के चक्कर में समाज के अन्दर एक समुदाय के विरुद्ध दूसरे समुदाय को भड़काने का कार्य किया जा रहा है.
क्या इस तरह की हरकतों से पूरे एक समुदाय की देशभक्ति पर सवाल खड़े करने की एक सोची समझी साज़िश को अंजाम दिया जा रहा है.
राजद के नवनिर्वाचित सांसद सरफ़राज़ आलम और राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा है, कि वीडिओ फ़र्ज़ी है. एक बार लैब की जांच आ जाने दीजिये, साबित हो जायेगा कि ये भाजपा के लोगों की साज़िश थी. बिलकुल वैसी ही साज़िश, जैसी साज़िश jnu में रची गयी थी.

देखें इसी विषय पर वीडियो विश्लेषण

Reality of The viral video of Araria, in which some boys are shouting anti India slogans.