बिहार

जयंती पर याद किए गए बिहार के पुर्व प्रधानमंत्री बैरिस्टर मुहम्मद युनूस

जयंती पर याद किए गए बिहार के पुर्व प्रधानमंत्री बैरिस्टर मुहम्मद युनूस

दिनांक 4 मई को बिहार प्रांत के प्रथम प्रधानमंत्री स्व० मुहम्मद युनूस जी की जयंती पटना के श्रीकृष्ण स्मारक भवन परिसर में राजकीय सम्मान के साथ आयोजित हुई। आयोजन के मुख्य अतिथी महामहीम राजपाल सत्यपाल मलिक थे जो किसी वजह कर नही आ पाये; उनके इलावा इस मौक़े पर बिहार के पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव मौजूद थे।
बिहार के पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव का स्वागत बैरिस्टर मुहम्मद युनूस के परिवार की तरफ़ से मुहम्मद काशिफ़ युनूस ने किया। जिसके बाद निर्धारित समय पर दीप और आरती से हुआ कार्यक्रम का शुभारम्भ; सबसे पहले बिहार के पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव ने बैरिस्टर मुहम्मद युनूस के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रधांजली दी।
मीडिया के साथियों बात करते हुए बिहार के पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव ने कहा, आधुनिक बिहार के निर्मान में बैरिस्टर मुहम्मद युनूस का बहुत बड़ा योगदान है। इस मौक़े पर ज़िलाधिकारी कुमार रवि सहीत बड़ी तादाद में लोगों ने बैरिस्टर मुहम्मद युनूस के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रधांजली अर्पित की। साथ ही कलाकारों द्वारा भजन प्रस्तूत किया गया।
इस मौक़े पर मौजूद बैरिस्टर युनूस के परपोते और बैरिस्टर मुहम्मद यूनुस मेमोरियल कमेटी के अध्यक्ष क़ासिफ़ यूनुस कहते हैं : आज़ाद भारत में, ख़ासकर सरकार के स्तर पर मोहम्मद यूनुस को वैसा सम्मान और पहचान नहीं मिली, जिसके वो हक़दार थे। आज़ादी के पहले के रिकार्ड्स में तो उनके नाम हैं, लेकिन बाद में सरकारी अभिलेखागारों से भी उनका नाम हटा दिया गया है।
क़ासिफ़ यूनुस कहते हैं : 2013 से बैरिस्टर यूनुस की जयंती राजकीय सम्मान के साथ आयोजित की जा रही है, इसकी घोषणा 2012 में बतौर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने की थी। क़ासिफ़ यूनुस ने बताया के इस साल 6 मई को बैरिस्टर मुहम्मद यूनुस मेमोरियल कमेटी के बैनर तले श्रीकृष्ण मिमोरियल हॉल में एक बड़ा प्रोग्राम बैरिस्टर मुहम्मद युनूस साहेब की जयंती पर किया जाएगा। जिसकी तैयारी मुकम्मल हो चुकी है।
ज्ञात रहे के बैरिस्टर युनूस का जन्म 4 मई 1884 को बिहार में पटना के करीब पनहरा गांव में हुआ था। उनके पिता मौलवी अली हसन मुख्तार मशहूर वकील थे और उन्होंने लंदन से वकालत पढ़ी थी। यूनुस ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत कांग्रेस से की थी, लेकिन बाद में वे महात्मा गांधी की असहयोग नीति और दूसरे राजनीतिक कारणों से कांग्रेस से अलग हो गए।
फिर उन्होंने 1937 के चुनाव के समय मौलाना सज्जाद के साथ मिलकर मुस्लिम इंडिपेंडेंट पार्टी बनाई। आज़ादी के बाद बने किसान मजदूर प्रजा पार्टी के गठन में भी मोहम्मद यूनुस ने अहम भूमिका निभाई थी। अपने चार महीने के कार्यकाल में यूनुस ने आश्चर्यजनक कार्य किए. उन्होंने ज़मीन और किसानों की समस्याएं सुलझाने और क़ौमी एकता बनाने रखने में विशेष पहल की। साथ ही उन्होंने बिहार विधानमंडल और पटना हाईकोर्ट जैसी इमारतों की नींव भी रखी।
एक वकील और राजनेता के साथ-साथ यूनुस एक सफल उद्यमी, बैंकर और प्रकाशक भी थे। उनके द्वारा पटना में बनाया गया ग्रैंड होटल तब के बिहार का पहला आधुनिक होटल था।

About Author

Team TH

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *