December 5, 2021
इंस्पायरेशनल स्टोरी

पद्मश्री से सम्मानित तुलसी गौड़ा और हरिकला हजब्बा को आप जानते है ?

पद्मश्री से सम्मानित तुलसी गौड़ा और हरिकला हजब्बा को आप जानते है ?

सोमवार (8 november) को राष्ट्रपति भवन में 2020 के लिए पद्म पुरस्कार (padma awards) घोषित किये गए। इस बीच राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 141 लोगों को पुरुस्कार से सम्मानित किया। इसमें 7 पद्म विभूषण, 16 पद्म भूषण और 118 पद्म श्री पुरुस्कार शामिल हैं। पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार हैं, जो उन लोगो को दिया जाता है जो किसी विशेष क्षेत्र में अपनी विशेष सेवा प्रदान करते हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 2020 में पद्म पुरस्कार पाने वालों की सूची में अधिकतर वो लोग शामिल है जो सामान्य पृष्टभूमि से ताल्लुक रखते हैं। इनमे पद्मश्री सम्मानित कर्नाटक की तुलसी गौड़ा और बेंगलुरु के हरिकला हजब्बा सुर्खियों का विषय बने हुए हैं।

सीमित कमाई से बच्चों के लिए स्कूल बनवाया :

बेंगलुरु (bengaluru) में रहने वाले हरिकला हजब्बा (harikala hajba) अपनी एक छोटी सी दुकान में फल बेचते हैं, कभी कभार वो सड़को पर अपनी छोटी टोकरी में फल लिए भी दिख जाया करते हैं। हरिकला ने साल 2000 में बेंगलुरु के पास अपने गांव में बच्चों के लिए एक प्राथमिक स्कूल बनवाया था। हरिकला ने अपने सीमित संसाधनों से कमाई हुई सारी पूंजी स्कूल बनवाने में लगा दी । उनकी इस पहल को सराहा गया और सरकार की तरफ से वित्तिय सहायता भी दी गयी।

           Photo : YouTube

2012 में BBC से बातचीत में हरिकला ने बताया था कि वो निरक्षर (अनपढ़) है और शिक्षा का महत्व जानते हैं। वो बताते हैं कि, एक बार एक विदेशी पर्यटक ने एक फल की तरफ इशारा करते हुए उनसे पूछा कि इसे अंग्रेज़ी में क्या कहते है ? जिसके बाद उन्हें अपने निरक्षर होने का एहसास हुआ। वो चाहते है कि बच्चों को प्राथमिक शिक्षा मिले जिससे वो कभी किसी के सामने असहज महसूस न करें। इसी सामाजिक कार्य के लिए 2020 की पद्म पुरस्कार सूची में उनका नाम शामिल किया गया।

किसी वैज्ञानिक से ज़्यादा ज्ञान रखती हैं कर्नाटक की तुलसी :

कर्नाटक (karnatak ) की तुलसी गौड़ा (tulsi gowda) को जब पद्मश्री से सम्मानित किया गया तो पूरा राष्ट्रपति भवन तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। उन्हें पर्यावरण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने के लिए सम्मानित किया गया। तुसली पारंपरिक साड़ी में नंगे पैर पुरुस्कार लेने पहुंची थी। 77 साल की तुलसी हन्नाकि जनजाति से आती है और कर्नाटक में एक वनसंरक्षक के तौर पर काम करती है। वह पढ़ी लिखी नहीं है लेकिन पेड़ पौधों के बारे में किसी वनस्पति वैज्ञानिक से ज़्यादा ज्ञान रखती हैं।

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BBC के मुताबिक, जब 2 साल की थी तब पिता की मृत्यु हो गयी, मां के साथ नर्सरी में काम करते हुए पौधों की अच्छी खासी समझ विकसित हुई। वो 6 दशकों से पर्यावरण के लिए काम कर रही हैं, कुछ लोग उन्हें जंगलों की इनसाइक्लोपीडिया (encyclopedia) भी कहते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में स्थानीय निवासियों के हवाले से लिखा गया है कि वो वन विभाग के वृक्षारोपण कार्यक्रम में सक्रिय रहती थी। जिसके बाद उनकी सेवाओ को नियमित कर दिया गया। वन विभाग के साथ 14 साल काम करने के बाद वो 70 साल की उम्र में रिटायर हुई । लेकिन पर्यावरण के लिए लगातार काम कर रही हैं।


क्या है देश का सर्वोच्च नागरिक पुरुस्कार :

भारत में जब कोई व्यक्ति किसी विषय या गतिविधियों में अपनी असाधारण, विशिष्ट और उच्च सेवा प्रदान करता है तो उसे सर्वोच्च नागरिक पुरुस्कार से सम्मानित किया जाता है। पद्म विभूषण ( असाधारण और विशिष्ट सेवा देने के लिए) , पद्म भूषण ( उच्च क्रम की विशिष्ट सेवा देने के लिए ) और पद्म श्री किसी क्षेत्र में विशिष्ट सेवा देने के लिए दिया जाता है।

pib के मुताबिक ये पुरस्कार विभिन्न विषयों/गतिविधियों के क्षेत्रों, जैसे – कला, सामाजिक कार्य, सार्वजनिक मामले, विज्ञान एवं इंजीनियरिंग, व्यापार एवं उद्योग, चिकित्सा, साहित्य और शिक्षा, खेल, नागरिक सेवा आदि में प्रदान किए जाते हैं।

लिस्ट में कौंन कौंन शामिल :

2020 की पुरुस्कार पाने वाली सूची में 33 महिलाएं, 18 विदेशी नागरिक जिनमे एनआरआई/पीआईओ/ ओसीआई शमील हैं। इसके अलावा 12 मरणोपरांत पुरुस्कार पाने वालो में late sushma swarajya और late arun jetli शमील है। दूसरी और पद्म पुरस्कार की लिस्ट में करण जौहर, एकता कपूर, कंगना रनौत के साथ साथ पीवी सिंधू और गायक अदनान सामी भी शामिल हैं। पुरुस्कार पाने वाली की पूरी लिस्ट देखने के लिए pib को ऑफिशियल वेबसाइट https://pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=1600597 पर रुख किया जा सकता है।


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Sushma Tomar