October 24, 2021
व्यक्तित्व

भानु अथैया ने दिलाया था देश को पहला ऑस्कर

भानु अथैया ने दिलाया था देश को पहला ऑस्कर

भारत को पहला ऑस्कर दिलाने का श्रेय भानु अथैया को जाता है. वह भारत की पहली ऐसी महिला हैं जिन्हें विश्व सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार ऑस्कर अवार्ड से नवाज़ा गया था.
भानु अथैया का जन्म 28 अप्रैल 1929 को महाराष्ट्र के कोल्हापुर में हुआ था. इनका पुरा नाम भानुमति अन्नासाहेब राजोपाध्येय था.इनके पिता का नाम अन्नासाहेब और माता का नाम शांताबाई राजोपाध्येय था. अपने माता-पिता की सात संतानों में भानु अथैया तीसरे स्थान पर थीं.आज़ादी के पहले उस दौर में कोल्हापुर जैसे छोटे शहर में भानु के माता-पिता ने अपनी बेटी को खूब पढ़ाया और उसकी रुचियों और प्रतिभा को देखते हुए उसे मुंबई के जे. जे. स्कूल ऑफ़ आर्ट्स में शिक्षा के लिए भेजा. यहाँ से उन्होंने स्नातक की उपाधि गोल्ड मेडल के साथ प्राप्त की.

इसके बाद वे ‘प्रोग्रेसिव आर्ट ग्रुप’ की सदस्य के लिये भी नामित हुईं. माता-पिता ने जब अपनी बेटी भानु को रेखाचित्र बनाते देखा था तो उसे प्रोत्साहित किया और आग्रह किया कि वह गाँधीजी का रेखाचित्र बनाए. इसे संयोग ही कहा जायेगा कि बचपन में गाँधीजी का रेखाचित्र बनाने वाली भानु को ही कुछ दशक बाद सर रिचर्ड एटनबरो की अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म ‘गाँधी’ की वेशभूषा बनाने के लिए ऑस्कर से नवाजा गया.
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भानु अथैया ने वर्ष 1953 में ड्रेस डिज़ाइनिंग शुरू की.महिला पत्रिकाओं के लिये एक फ़ैशन विशेषज्ञ के रूप में स्वतंत्र कार्य करने के बाद भानु अथैया ने फ़िल्मों के लिये भी ड्रेस डिज़ाइन करना आरंभ किया. भानु अथैया को 1982 में प्रख्यात फ़िल्मकार रिचर्ड एटेनबरो की फ़िल्म ‘गाँधी’ में ड्रेस डिज़ाइन करने का मौका मिला.साल 1983 में ऑस्कर अवार्ड की शाम भारत के लिए बेहद खास थी क्‍योंकि तब पहली बार एक महिला ने देश के लिए ऑस्कर जीता था.भानु अथैया ने गांधी फिल्म के लिए बेस्ट कॉस्टयूम डिजाइन कर ये अवॉर्ड अपने नाम किया था.इसके अतिरिक्त वर्ष 1991 में ‘लेकिन’ और 2001 में ‘लगान’के लिए ‘राष्ट्रीय फ़िल्म पुरुस्कार’ और 2009 में ‘लाइफ़ टाइम अचीवमेंट अवार्ड’ भी इन्हें मिला.
भानु अथैया ने 100 से भी अधिक फ़िल्मों में जाने-माने फ़िल्मकारों, जैसे- गुरुदत्त, यश चोपड़ा, राज कपूर, आशुतोष गोवारिकर, कॉनरेड रूक्स और रिचर्ड एटेनबरो आदि के साथ काम किया.’सी.आई.डी.’ (1956), ‘प्यासा’ (1959), ‘चौदहवी का चाँद’ (1960) और ‘साहब बीबी और ग़ुलाम’ (1964) जैसी सफल फ़िल्मों ने भानु अथैया को एक विशिष्ट पहचान दिलाई.भानु अथैया ने राज कपूर की ‘मेरा नाम जोकर’ से लेकर ‘राम तेरी गंगा मैली’ तक कई फ़िल्मों की ड्रेस डिज़ाइनिंग की.उन्होंने अपने समय की सफल फ़िल्म ‘रजिया सुल्तान’ से लेकर अमोल पालेकर के नाटकों तक के लिए ड्रेस डिज़ाइन की है.
उन्होंने कॉस्टयूम डिजाइन पर साल 2010 में ‘The Art Of Costume Design’ के नाम से एक किताब भी लिखी है.भानु अथैया के बाद अन्य भारतीय हस्तियों को भी ऑस्कर अवार्ड मिल चुका है ,लेकिन वे अभी तक एकमात्र ऐसी भारतीय महिला है, जिन्होंने ऑस्कर अवार्ड को अपने नाम किया है.

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Durgesh Dehriya

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