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मेहनत के बलबूते नवाजुद्दीन ने बनाई बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान

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बॉलीवुड के सबसे उम्दा अभिनेताओं में से एक माने जाने वाले नवाजुद्दीन सिद्दीकी का आज 44 वां जन्मदिन है.फ़िल्म इंडस्ट्री में मजबूत इरादे और अपनी मेहनत के बलबूते बॉलीवुड के अव्वल एक्टर्स में अपनी पहचान दर्ज करवाने वाले शानदार एक्टर का जन्म 19 मई 1974 को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के एक छोटे से गांव ‘बुढ़ाना’ में हुआ था.
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नवाजुद्दीन ने अपने करियर के शुरुआती दिनों में कई सी-ग्रेड फिल्मों में काम किया था और आज नवाज तीनों खान्स के साथ काम कर चुकें हैं. इतने बड़े एक्टर होने के बावजूद नवाज के पास कोई पीआर मैनेजर नहीं है.वो अपने इंटरव्यू और डेट्स खुद हैंडल करते हैं.

नवाज ने एक्टिंग सीखने के लिए नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में एडमिशन लिया और 1996 में वहाँ से पासआउट हुए.जब नवाज ने वहाँ एडमिशन लिया था तब उनके पास घर नहीं था.इसलिए उन्होंने अपने एक सीनियर से कहा कि वो उन्हें अपने साथ रख लें. तो नवाज के कुछ सीनियर ने उन्हें अपने अपार्टमेंट में रहने दिया लेकिन इस शर्त पर कि वो उन्हें खाना बनाकर खिलाएंगे और नवाज तैयार हो गए.अक्सर सांवला होने की वजह से लोग उन्हें काला-कलूटा भी बुलाते थे.

मुंबई आने से पहले दिल्ली में नवाजुद्दीन को अपने खर्चे चलाने के लिए कोई नौकरी नहीं मिल रही थी. काफी ढूंढने के बाद उन्हें चौकीदार की नौकरी मिली. इस नौकरी को पाने के लिए भी नवाज को कुछ हजार रुपए गारंटी के रूप में जमा कराने थे. जो उन्होंने अपने किसी दोस्त से लेकर भरे. वे शारीरिक रूप से काफी कमजोर से थे, जब भी मौका मिलता वो बैठ जाते थे जबकि चौकीदारी करते हुए उनकी ड्यूटी खड़े रहने की थी.एक दिन उनके मालिक ने उन्हें बैठा हुआ देख लिया और उसी दिन उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया और कम्पनी ने गारंटी के लिए जमा की गई रकम भी नहीं लौटाई.

स्ट्रगल के दौरान नवाज ने आमिर खान की फिल्म ‘सरफरोश’ में एक छोटे रोल के साथ अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की.उन्होंने मुंबई में कई टीवी सीरियल्स के लिए भी ट्राई किया लेकिन कोई सफलता हासिल नहीं हुई.नवाज ने फिल्म ‘मुन्नाभाई MBBS’ में एक छोटा सा रोल भी निभाया था. इस फिल्म की शुरुआत में ही उन्होंने एक जेबकतरे का रोल किया था.
नवाज के पास साल 2003 से 2005 के बीच कोई काम नहीं था.उन दिनों नवाज कभी-कभी एक्टिंग वर्कशॉप चलाकर जैसे तैसे गुजारा किया करते थे. नवाजुद्दीन ने अनुराग कश्यप की ‘ब्लैक फ्राइडे’ और ‘देव डी’ में छोटे-छोटे रोल अदा किए लेकिन बाद में फिल्म ‘न्यूयॉर्क’ में उनके अभिनय के लिए काफी सराहना मिली.
नवाज ने साल 2010 में आमिर खान के प्रोडक्शन में बनी फिल्म ‘पीपली लाइव’ में एक पत्रकार की भूमिका निभाई जिसके लिए उनके किरदार को काफी सराहा गया.इसके अलावा वह तिग्मांशू धुलिया की फिल्म ‘पान सिंह तोमर’ में पुलिस इनफॉर्मर की भूमिका में दिखे.
‘नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा’ से पास आउट नवाजुद्दीन को बॉलीवुड में विद्या बालन की ‘कहानी’ फिल्म से पहचान मिली.सुजॉय घोष की ‘कहानी’ में नवाज ने इंटेलिजेंस अॉफिसर की भूमिका निभाई जिसकी काफी सराहना हुई.फिर ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर-1, 2’  में भी अपनी छाप छोड़ी और इस फिल्म ने उन्हें दर्शकों का चहेता बना दिया.
सलमान खान के साथ फिल्म ‘बजरंगी भाईजान’ में रिपोर्टर चांद मियां के किरदार में उन्होंने गजब का अभिनय किया. यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई.दशरथ मांझी के जीवन पर आधारित फिल्म ‘मांझीः द माउंटेन मैन’ में दशरथ मांझी का किरदार निभाया. दशरथ मांझी के रोल को जैसा नवाज ने निभाया और कोई नहीं कर सकता था.

नवाज ने 2012 में फिल्म ‘तलाश’ के लिए ‘स्पेशल ज्यूरी का नेशनल अवॉर्ड’ अपने नाम किया. इसके अलावा 2013 में ‘द लंच बॉक्स’ के लिए उन्हें फिल्मफेयर का ‘बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर’ का पुरस्कार मिला. उसके बाद 2015 में फिल्म ‘बदलापुर’ के लिए भी उन्हें एक बार फिर फिल्मफेयर का ‘बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर’ का खिताब हासिल हुआ.