December 9, 2021

यूपी सरकार पुनः नामकरण का सहारा पिछले 3 सालों से ले रही है। योगी सरकार ने कई मुस्लिम नाम वाले जगहों को हिंदू धर्म से जुड़े नाम से पुनः नामकरण किया है। योगी सरकार ने मानो जैसे नाम बदलने का एक ट्रेंड शुरू कर दिया है।

अलीगढ़ को बनाया जाएगा हरिगढ़

योगी सरकार में पिछले एक साल से कई बीजेपी नेता और कई संगठन अलीगढ़ का पुनः नामकरण कर हरिगढ़ करने की मांग कर रहे थे। 16 अगस्त को नवगठित जिला पंचायत की बोर्ड बैठक हुई, जिसमें अलीगढ़ को हरिगढ़ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

इस बोर्ड बैठक में मौजूद सभी जिला पंचायत सदस्यों और विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने प्रस्ताव को अपना समर्थन दिया।

बैठक जिला पंचायत अध्यक्ष विजय सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। पुनः नामकरण का प्रस्ताव जिला पंचायत सदस्य केहरी सिंह और उमेश यादव ने सामने रखा था। सभी सदस्यों की सहमति के बाद ही प्रस्ताव को मंजूरी देकर शासन को भेज दिया गया।

कल्याण सिंह के शासनकाल से ही हो रही है डिमांड

यूपी के सीएम रह चुके कद्दावर भाजपाई कल्याण सिंह के शासनकाल से ही अलीगढ़ का नाम बदलकर हरिगढ़ रखने की मांग की जाती रही है। कल्याण सिंह ने यूपी में दो बार अपनी सरकार बनाई और सीएम रहे। पहला टर्म 1991 से 1992 तक और दूसरा टर्म 1997 से 1999 तक।

बाबरी मस्जिद विध्वंस केस में CBI द्वारा फाइल की गई chargesheet के मुताबिक, सीएम बनने के तुरंत बाद कल्याण सिंह अयोध्या गए थे और उन्होंने राम मंदिर वही बनाने का संकल्प लिया था। बाबरी विध्वंस के कारण ही वह काफी चर्चा में रहे थे।

योगी जी बदल चुके हैं कई जगहों के नाम

यूपी में 2017 में सीएम बनने के बाद से ही योगी जी ने कई महत्वपूर्ण जगहों के नाम बदल डाले हैं। उन्होंने पुनः नामकरण को एक ट्रेंड की तरह स्थापित कर दिया है।

योगी सरकार ने सबसे पहले अगस्त 2018 में मुगलसराय तहसील का नाम बदलकर पंडित दीन दयाल उपाध्याय तहसील किया। इसके महज 2 महीने बाद, अक्टूबर में,इलाहाबाद शहर का नाम बदलकर प्रयागराज किया गया। सुप्रीम कोर्ट में लटके राम मंदिर केस पर सुनवाई होने से पहले ही योगी सरकार में फैजाबाद जिले का नाम अयोध्या कर दिया।

खास नजर मुस्लिम नाम वाले जगहों पर

योगी जी द्वारा किए गए अब तक के सारे पुनः नामकरण उन जगहों के किये हैं जिनमें मुस्लिम नाम शामिल हैं । जैसे फैजाबाद, अलीगढ़, मुगलसराय के बाद अब आगे सुल्तानपुर के नाम को भी बदलने की मांग भी उठती रही है।

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Ankit Swetav