October 20, 2021
देश

कुशीनगर – लापरवाही रेलवे की और मुक़दमा स्कूल प्रिंसिपल जहान खान पर

कुशीनगर – लापरवाही रेलवे की और मुक़दमा स्कूल प्रिंसिपल जहान खान पर

कुशीनगर रेल हादसा याद तो होगा, उम्मीद है आप भूले नहीं होंगे. जहाँ रेलवे की एक लापरवाही से 13 मासूमों की जाने चली गईं हैं. पर इस मामले में एक बेहद ही चौंकाने वाला मामला यूपी पुलिस की तरफ़ से देखने को मिला है.
हादसा रेलवे की लापरवाही से हुआ है, पर केस स्कूल प्रिंसिपल जहान खान पर किया गया है. धाराएं 279,337,338,307,120 बी के तहत मुकदमा दर्ज करा गया है. लोग सवाल कर रहे हैं, क्या जहान खान को उसके नाम की वजह से टार्गेट किया गया.

एडवोकेट सरफ़राज़ नजीर कहते हैं, कि आमतौर पर 279,337,338 के साथ 304A लगती है जो बेलेबल है, जेल भेजने के लिए 307 लगाना ज़रूरी था, वरना बाकी धाराओ में तो गिरफ्तार करने तक का पावर नहीं है.

ज्ञात होकी योगी आदित्यनाथ के सत्ता में आने के बाद ही से विपक्षियों, अल्पसंख्यकों और दलितों को यूपी पुलिस द्वारा टार्गेट किये जाने के इलज़ाम लगते रहे हैं. कभी फ़र्ज़ी एनकाऊँटर के नाम पर तो कभी फ़र्ज़ी केसेज़ के नाम पर यूपी पुलिस और योगी सरकार पर सवाल उठते रहे हैं.

कुशीनगर मामले में इसलिए भी सवाल उठते हैं, क्योंकि सभी जानते हैं की रेलवे की गलती की वजह से हादसा हुआ है. पर योगी आदित्यनाथ सरकार का रवैया बेहद ही घिनौना बना हुआ है. पुलिस भी विपक्षियों , मुस्लिमों और दलितों को प्रताड़ित करने का कोई मौक़ा नहीं छोड़ रही है.

घटना स्थल पर विरोध होने पर योगी ने कहा था बंद करो नौटंकी

जब योगी  घटनास्थल पर पहुंचे थे तो  हादसे से नाराज लोगों द्वारा प्रशासन और खुद के खिलाफ नारेबाजी से गुस्साए सीएम योगी ने लोगों को ‘नौटंकी’ बंद करने की चेतावनी दी थी, जिसकी सर्वथा निंदा की गई.

डॉ कफील की गिरफ़्तारी भी उठे थे सवाल

ये पहली बार नहीं है, की यूपी पुलिस और योगी सरकार के समुदाय विशेष को टार्गेट करने वाले रवैये के विरुद्ध आवाज़ उठी हो. इसके पहले भी देखा जा चुका है, कि जब बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बच्चों की मौतें हुईं. तो योगी आदित्यनाथ की सरकार की बेहद किरकिरी हुई थी. उस वक़्त डॉ कफील को विवादित तरीके से गिरफ़्तार किया गया था.
जबकि डॉ कफील उस दिन छुट्टी में थे और जब उन्हें ऑक्सीजन ख़त्म होने की खबर लगी थी तो उन्होंने अपने दोस्तों से और अपने पैसे खर्च करके लगभग 250 के आसपास सिलेंडर का इंतज़ाम किया था. पर सभी जानते हैं, कि किस तरह उन्ही को बलि का बकरा बनाया गया और 8 महीने तक ज़मानत नहीं हुई थी.
जब यह मामला पब्लिक डोमेन में आया तो खूब हल्ला हुआ, इलाहाबाद हाईकोर्ट में ज़मानत के लिए अप्लाई किया गया, जिसमे कोर्ट ने डॉ कफ़ील के समर्थन में टिपण्णी करते हुए उ नहे ज़मानत दी.

कुशीनगर रेल हादसे में रेलवे पूर्णतः ज़िम्मेदार है

यूपी के कुशीनगर में हुए रेल हादसे में मारे गए बच्चों की मौत का ज़िम्मेदार पूर्णतः भारतीय रेल है. क्योंकि उस रेलवे क्रासिंग में फ़ाटक नहीं था. साथ ही झंडी दिखाने वाला शख्स भी नहीं आया था. इस वजह से इस हादसे में पूर्णतः रेलवे है.
अब देखना ये है की एक के बाद एक समुदाय विशेष, दलितों, और विपक्षियों को परेशान करने वाले योगी आदित्यनाथ की सरकार अपनी विवादित कार्यशैली में बदलाव करती है या लगातार यूँही विवादित बनी रहती है.

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Team TH

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