October 24, 2021
विशेष

गाज़ियाबाद में बड़ी साज़िश नाक़ाम, अमरेश मिश्र ने किया ये ख़ुलासा

गाज़ियाबाद में बड़ी साज़िश नाक़ाम, अमरेश मिश्र ने किया ये ख़ुलासा

देश में आये दिन बलात्कार की घटनाओं के बारे में आप और हम सुन रहे हैं. उन्नाव रेप केस में सरकार की लापरवाही और आसिफ़ा काण्ड में रेपिस्ट के साथ खड़ी भीड़, इन सभी घटनाओं ने देश में भारी गुस्से का वातावरण पैदा किया है.

See the source image
इस माहौल में एक बड़ा तबक़ा ऐसा भी है जो कठुआ के बलात्कारियों के समर्थन में फेसबुक में पोस्ट पे पोस्ट करे जा रहा है. बलात्कार की घटनाओं को हिन्दू मुस्लिम रंग दे रहा है. उस तबक़े के लोग दिल्ली के गाजीपुर इलाके से गायब हुई लड़की के मामले पर भी यही कर रहे हैं. उन्होंने इस मामले को भी सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की.

दरअसल दिल्ली के गाज़ीपुर से एक 11 वर्षीय (कुछ लोग इसे 16 वर्ष बता रहे हैं) नाबालिग लड़की लापता हुई थी, जिसकी शिकायत उसके घरवालों ने पुलिस में की थी. लेकिन लड़की अगले ही दिन रविवार को मिल गई और पूछताछ में उसने बताया कि उसका एक पड़ोसी जो पहले पास में रहता था और अब कही और रहता है वो उससे मिलने गई थी.

घरवालों के आरोपों के बाद लड़की का मेडिकल कराया गया और मेडिकल रिपोर्ट के हिसाब से रेप का मामला दर्ज कर लड़की के दोस्त नाबालिग लड़के और उसके हिंदू दोस्त को गिरफ्तार कर जुवेनाइल जस्टिस होम में भेज दिया गया.

लड़का गाजियाबाद में एक मदरसे में पढ़ाई करता है और लड़की उसके साथ वहां गई थी. घरवालों का कहना है मामले की पूरी जांच होनी चाहिए. कोर्ट के सामने लड़की ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया कि उसे जबरन फंसाया गया या कोई और कम्युनल बात नहीं कही.

लड़की हिन्दू है और लड़का मुस्लिम है. पुलिस की तफ्तीश में कोई कम्युनल एंगल नहीं निकला है. लड़की खुद सीसीटीवी में लड़के के साथ जाती दिख रही है.
सबसे अहम बात ये रही है, लड़का एक नाबालिग़ है. जबकि पहले ऐसा बताया जा रहा था, की मदरसे का कोई मौलाना इस मामले में आरोपी है. जिसके बाद सोशलमीडिया में हिंदू मुस्लिम के नाम पर भड़काऊ पोस्ट आने लगी थीं.

कठुआ में कुछ इस तरह बलात्कारियों के समर्थन में तिरंगा रैली निकाली गई थी.

लेखक एवं इतिहासकार अमरेश मिश्र कहते हैं –

बलात्कार का कोई मामला हो, निंदा करने मे सबसे आगे रहा हूं. अगर साधू, मौलवी या पादरी ऐसे मामले मे दोषी पाये जाँय तो उन्हे दूसरो की तुलना मे ज्यादा बडा गुनहगार माना जाना चाहिये और उन्हे कड़ा से कड़ा दंड दिया जाना चाहिये.
पर अर्थला ‘बलात्कार’ कांड और गाजियाबाद के मदरसे मे हिंदू लड़की गीता से मौलवी द्वारा तथाकथित दुष्कर्म की अफवाह फैलाना बंद कीजिये.

  • नाबालिग लड़की ने बक़ायदा मेजीस्ट्रेट के सामने बयान दिया है. उस बयान मे एक अवयस्क लडके का जिक्र किया है जिसके साथ वो गाज़ियाबाद गयी थी. वह लड़का गिरफ्तार हो चुका है.
  • सीसीटीवी फुटेज मे भी लड़की एक लड़के के साथ जाते हुए दिख रही है. पुलिस के अनुसार लड़की गाज़ियाबाद के मदरसे के पास से बरामद हुई.
  • चूंकि लड़की का बयान एक मेजीस्ट्रेट के आगे हो गया है, तो हमे उस पर चलना चाहिये. लड़की ने ये नही कहा कि अवयस्क ने उसका बलात्कार किया.
  • ना लडक़ी ने ये कहा कि उस अवयस्क लडके ने उसे मदरसे मे कैद करके रखा था, लड़की ने बयान मे नशीली दवाएं दी जाने की बात का तो ज़िक्र तक नही किया.
  • लडक़ी ने अपने बयान मे किसी मौलवी की भी बात नही की,पुलिस ने किसी मौलवी को गिरफ्तार नही किया है.
  • इस केस मे कई संदिग्ध पहलू हैं, कठुआ मे हम पुलिस की चार्जशीट को सही मान कर चले, उन्नाव मे पीड़िता स्वयं कैमरे के सामने बयान देने आयी थी.
  • अगर दुष्कर्म हुआ है, तो मौलवी क्या हम किसी को नही छोड़ेगें, पर सिर्फ तथ्यपूर्ण बातों पर ही भरोसा करिये…. बीजेपी आईटी सेल के प्रोपगंडा पर नही.

समाजसेवी सैयद फरमान अहमद के अनुसार –

  • पुलिस को मदरसे के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे से सुबूत के तौर पर क्लिप मिला है, “गीता शाहबाज का हाथ थामे जा रही है”
  • गीता को शाहबाज ने धोखा दिया या नहीं दिया इसकी रिपोर्ट पुलिस चार्जशीट में दिखाएगी
  • एबीपी न्यूज़ का कहना है कि क्लिप में लड़की लड़के के साथ जा रही है
  • दक्षिणपंथी संगठनों से जुड़े लोगों का कहना है कि उसका किडनैप किया गया है, क्या पुलिस साथ जाने को किडनैप सिद्ध कर पायेगी?
फ़रमान अहमद कहते हैं, इस खबर में कई पेच हैं जिन्हें समझना ज़रूरी है
  1. मैटर अपहरण बलात्कार का नहीं अफेयर का है
  2. लड़की हिन्दू लड़का मुसलमान है दोनों में अफेयर था शादी करना चाहते थे, क्योंकि लड़की की उम्र 11 नहीं 16 वर्ष है. (यह एक जांच का विषय है )
  3. लड़की आटो में बैठकर निकली , साथ में एक हिन्दू लड़का था जो उसके मुस्लिम ब्वाय फ्रेंड का दोस्त था
  4. मदरसे में लड़की क्यों लाई गई इसका कारण धर्म परिवर्तन या निक़ाह करना भी हो सकता है
  5. पुलिस जांच में मदरसे के नाज़िम मौलवी को क्लीन चिट दे कर छोड़ दिया गया है लेकिन पुलिस ने मार पीट थर्ड डिग्री इस्तेमाल की है मौलवी के साथ
  6. फिलहाल दोनों लड़के (हिन्दू व मुस्लिम) जेल भेज दिए गए हैं ये केस 20/21 अप्रैल का है
About Author

Team TH

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *