December 5, 2021
अंतर्राष्ट्रीय

डोनाल्ड ट्रंप ने हालिया इंटरव्यू में मार्क जुकरबर्ग पर की अभद्र टि्प्पणी

डोनाल्ड ट्रंप ने हालिया इंटरव्यू में मार्क जुकरबर्ग पर की अभद्र टि्प्पणी

 

डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के 45वें राष्ट्रपति के रूप में कार्य कर चुके हैं। रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार थे। राजनीति में आने से पहले एक सफल बिजनेसमैन रहे । अमेरिका के इतिहास में ट्रंप ऐसे राष्ट्रपति रहे जिनके खिलाफ दो बार महाभियोग चलाया गया है।

20 फरवरी 2021 को डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाईट हाउस को छोड़ दिया था। इनके राजनीतिक काल की बात की जाए तो ट्रंप हमेशा विवादों में बने रहे हैं। कभी देश में हिंसा को लेकर और कभी आम जनता में गोरे और काले के भेदभाव के कारण भी जनता इनके खिलाफ आक्रोशित होती रही है। इसके अलावा कभी कभी इनके विवादित बयानों को लेकर भी ट्रंप की लोकप्रियता कम हुई थी।

बीती रात फॉक्स न्यूज़ को इंटरव्यू देते समय ट्रंप ने कहा कि कैपिटल हिल्स में जो हिंसा हुई थी उसके बाद 7 जनवरी को उनका फेसबुक अकाउंट और टि्वटर अकाउंट 2023 तक निलंबित कर दिया गया था।

इसके आगे बोलते हुए ट्रम्प ने कहा कि फेसबुक के सीईओ मार्क ज़ुकरबर्ग को व्हाइट हाउस में जाने से पहले मेरा सामना करना पड़ेगा। साथ ही इस बात को बोलने से पहले ट्रंप ने अभद्र भाषा का भी प्रयोग किया, इसके बाद कहा की अगर ज़ुकरबर्ग अपनी पत्नी के साथ आते हैं तो इससे अच्छी बात और क्या होगी।

ट्रंप ने अपने फेसबुक अकाउंट को बंद किए जाने को बेहद शर्मनाक कहा। राजनीतिक मुद्दे हो या अंतरराष्ट्रीय मुद्दे इन सभी को लेकर ट्रंप विवादों से घिरे रहे हैं। इस पर ट्रंप का फेसबुक अकाउंट ,इंस्टाग्राम अकाउंट और यूट्यूब भी बंद किये जाने पर ऐसा रिएक्शन लाज़मी है।

लेकिन यह किस हद तक सही है कि जहां पर आप अपने विचारों का भी आदान-प्रदान नहीं कर सकते हैं। ट्रंप ने कहा कि, उनकी उपस्थिति का राजनीति में और सोशल मीडिया में होना कितना प्रभावी था। ये अब आप टि्वटर अकाउंट बंद होने पर अंदाजा लगा सकते हैं।

उन्होंने ट्विटर को उबाऊ कहा है जहां पर लोग ना तो खुलकर अपने विचारों को व्यक्त कर सकते हैं और नाही किसी के खिलाफ बोल सकते हैं। उनका कहना हैकि ट्रंप शासन में ऐसा नहीं था।

ट्रंप ने सोशल मीडिया कंपनियों के सीईओज़ पर तगड़ा प्रहार करते हुए कहा कि जितने भी दिग्गज नेता और ऐसी कंपनियों के सीईओ हैं और ऐसी कंपनी में काम करने वाले व्यक्ति, सभी लोग गंभीर रूप से बीमार है। जिन्हें विरोधियों का विरोधाभास मंजूर नहीं है।

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Nidhi Arya