आज़म खान की यूनिवर्सिटी का गेट तोड़ा जाऐगा

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एक बहुत मशहूर मिसाल है “एक तो करेला ऊपर से नीम चढ़ा” इस मिसाल की डिटेल्स लिखने की कोई बहुत ज़्यादा ज़रूरत नही है क्योंकि जो मैं लिखने जा रहा हूँ वो बहुत कुछ साबित कर देगा। दरअसल ये मिसाल देश के सबसे कद्दावर मुसलमान नेताओं में शुमार आज़म खान पर बिल्कुल फिट बैठती है।

रामपुर लोकसभा से सांसद आज़म खान जेल में हैं और उनकी तबियत भी ठीक नही है। क़रीबन डेढ़ साल पहले उन्हें सह परिवार विधायक पुत्र अब्दुल्ला आज़म खान और विधायिका तज़ीन फातिमा के साथ,हालांकि अब उनकी पत्नी ज़मानत पर जेल से बाहर हैं,लेकिन इन तीनो को अलग अलग मामलों में जेल जाना पड़ा था।

इसी बीच उनके लिए एक और बुरी खबर आ गयी है। ये खबर आज़म खान के ड्रीम प्रोजेक्ट “जौहर यूनिवर्सिटी” से जुड़ी है। जिसको लेकर ही आज़म खान सबसे ज़्यादा विवादों में रहे हैं। इसी की वजह से ही उन पर बहुत से मुकदमे भी दर्ज हुए हैं।

क्या है बुरी ख़बर?

हाईकोर्ट ने जौहर यूनिवर्सिटी और आजम खान की अपील खारिज कर दी और इस मामले में अदालत ने एसडीएम कोर्ट का फैसला बरकरार रखा है. जिसके बाद जौहर यूनिवर्सिटी का गेट टूट सकता है. वो गेट जो यूनिवर्सिटी की खूबसूरती कहा जाता है।

एडवोकेट राजीव अग्रवाल ने बताया है कि इस मामले में जिला जज गौरव कुमार श्रीवास्तव ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद एसडीएम द्वारा पूर्व में दिए गए आदेश को बहाल रखे जाने का फैसला लिया है। यानि की जौहर यूनिवर्सिटी का गेट तोड़े जाने क आदेश को बहाल रखा है।

कोर्ट ने यूनिवर्सिटी की ओर से दाखिल अपीलों को पूरी तरह से खारिज कर दिया। कोर्ट ने इसके अलावा सवा तीन करोड़ रुपये के जुर्माना के आदेश पर यूनिवर्सिटी को राहत दे दी है। अब सवा तीन करोड़ के बजाए 1.63 करोड़ रुपये जुर्माना देने के आदेश दिए हैं।

आखिर ऐसा क्यों माना जा रहा है कि कोर्ट से इस झटके के बाद विश्वविद्यालय का गेट टूट सकता है इसके पीछे की असली वजह को भी समझिए..

दरअसल साल 2019 में एसडीएम सदर की कोर्ट ने 15 दिनों के अंदर जौहर यूनिवर्सिटी का मुख्य गेट हटाने के आदेश दिए थे. आरोप ये था कि यूनिवर्सिटी के अंदर जो सड़क पर मौजूद हैं, वे लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की हैं, जिसे गेट लगाकर बंद कर दिया गया है.

अब जबकि जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर हाईकोर्ट ने ये याचिका खारिज कर दी है तो बहुत बड़ा सवाल क्या इस उठने लगा है कि क्या यूनिवर्सिटी के इस गेट को तोड़ दिया जाएगा?