70 साल की उम्र में मां ने दिया बेटे को जन्म

Share
Sushma Tomar

किसी भी महिला के लिए माँ बनना बेहद खूबसूरत एहसास है,और गुजरात (gujarat) के कच्छ (kucth) में रहने वाली जीवुबेन (jivuben) ने ये एहसास 70 की उम्र में महसूस किया।बच्चे के जन्म से जिवुबेन और उनके पति वालाभाई हेमाभाई राबरी के साथ सभी रिश्तेदार बहुत खुश हैं। वहीं डॉक्टरों (doctors) के मुताबिक 70 की उम्र में बच्चे को जन्म देना अनोखी बात है। bbc की टीम ने गुजरात के कच्छ जाकर जिवुबेन और उनके परिवार से बातचीत की। बातचीत में पता चला कि जीवुबेन ने शादी के 45 साल बाद किसी बच्चे को जन्म दिया है। और यह प्रक्रिया IFV तकनीक के माध्यम से सम्भव हुई है।

70 की उम्र में दिया बच्चे को जन्म :

BBC से बातचीत में जिवुबेन ने बताया कि उनकी शादी के 45 साल बाद उन्होंने बच्चे को जन्म दिया है। पति समेत सभी रिश्तेदार बच्चे के जन्म से खुश हैं। वहीं गांव वालों ने भी जिवुबेन को इसके लिए प्रोत्सहित किया। वो बताती हैं कि जब वो बच्चे को लेकर गांव आई थी तो सबने कहा कि ये बड़ा खुशी का मौका हैं। उन्होंने बच्चे का नाम लालो रखा है।

जीवुबेन के भतीजे छोटाभाई सनाभाई राबरी जो मोड़ा गांव में रहते हैं ने BBC से कहा कि, उनके काका वालाभाई और उनकी पत्नी जिवुबेन के कोई बच्चा नहीं था। उन्हें पता चला कि भुज में इसका इलाज है तो वो अस्पताल गए। और अच्छे इलाज और तकनीक की मदद से उन्होंने बच्चे को जन्म दिया। हम सब इससे बहुत खुश हैं।

प्रक्रिया चुनौतियों भरी थी :

भुज के एक अस्पताल में गाइनकॉलजिस्ट डॉ. नरेश भानुशाली कहते हैं कि जिवुबेन के माँ बनने की प्रक्रिया बहुत चुनौतीपूर्ण रही। हालांकि, इस काम को करने के बाद मुझे और मेरे स्टाफ को बहुत बड़ी संतुष्टि मिली है। डॉ नरेश ने कहा कि उनका इलाज करीब 12 महिने चला था। 2 साल पहले वो मुझसे सलाह लेने आए थी, मेने कहा था कि आपकी उम्र बहुत ज़्यादा है और ऐसे में आपको बहुत सी तकलीफ़ें हो सकती हैं।

लेकिन, जिवुबेन को बच्चे की चाहत थी और उन्होंने कहा कि मैं मर भी जाऊं तो परवाह नहीं, लेकिन आप कुछ ऐसा करिये जिससे मैं बच्चे को जन्म दे सकूँ। उनकी इस बात से हम भावुक हो गए थे। इसलिए हमने IVF का सहारा लिया, जिसमें सबसे पहले जिवुबेन के पीरियड्स को वापस शुरू करने के लिए एक सर्जरी की गई।

IVF से पहले की गई थी सर्जरी :

जो महिलाएं प्राकृतिक रूप से गर्भवती नहीं हो पाती उन्हें टेस्ट ट्यूब तरीके से गर्भवती किया जाता है। इसमें IVF ( in vintro fertilization) का सहारा लिया जाता है। यह एक रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (reproductive technology) होती है जिसे मेडिकल लैब (medical lab) में किया जाता है। इसमें महिला की ओवरी से एग लेकर उसे मेल स्पर्म के साथ फर्टिलाइज किया जाता है। इसके बाद उस भ्रूण को महिला के गर्भाशय में डाल दिया जाता है।

लेकिन इसके लिए महिला के पीरियड्स (periods) का कंटीन्यूटी में होना ज़रूरी होता है। डॉक्टर के मुताबिक जिवुबेन की उम्र 70 साल है और उनका मासिक धर्म चक्र सालों पहले बन्द हो चुका था। इसलिए IVF शुरू करने से पहले उनकी एक छोटी सी सर्जरी करनी पड़ी। जिसमे उनके गर्भाशय को बढ़ाया गया और उन्हें पीरियड्स (periods) आने शुरू हो गए। 12 महीने के ट्रीटमेंट के बाद जीवुबेन ने बच्चे को जन्म दिया, फिलहाल बच्चा और माँ दोनों स्वस्थ्य हैं।

Exit mobile version