नीति आयोग की ग़रीबी पर आई रिपोर्ट ने यूपी की पोल खोल दी

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नीति आयोग (niti aayog) ने 218 पेजों की एक रिपोर्ट जारी की है, रिपोर्ट का नाम national multidimensional poverty index है। रिपोर्ट national family health survey-4 (NFHS) 2015-16 पर और सर्वे -5 2019-20 पर बेस्ड है। रिपोर्ट में भारत के राज्य और केंद्रशासित प्रदेशो में गरीबी के आंकड़े बताए गए हैं।

इन आंकड़ों के मुताबिक, गरीबी से जूझ रहे राज्यों में बिहार सबसे आगे है। दूसरे स्थान पर झारखंड है और तीसरे स्थान पर सबसे ज़्यादा विकसित राज्य उत्तर प्रदेश है। वहीं केरल, सिक्किम और गोवा सबसे कम गरीबी वाले राज्य हैं।


BJP शासित प्रदेशों में सबसे ज़्यादा गरीबी :

नीति आयोग द्वारा जारी की गई इस रिपोर्ट में शामिल इंडेक्स से यह साफ हुआ है, की बिहार में 52 फीसदी जनसंख्या गरीब है। झारखंड में 42 फ़ीसदी और उत्तर प्रदेश में 38 फीसदी लोग गरीब हैं। इसके बाद मध्यप्रदेश में 37 फीसदी और मेघालय में 33 फीसदी आबादी गरीबी की मार झेल रही है। गौर करने वाली बात ये है कि सबसे ज़्यादा गरीबी वाले राज्यों में से अधिकतर राज्य BJP शासित प्रदेश है।

Photo : twitter


इसके अलावा उन राज्य की बात करें जिनमे गरीबी का स्तर बहुत कम या बेहद कम है। उनमें गोवा, केरल सिक्किम, तमिलनाडु और पंजाब है। इसके अलावा केंद्र शासित प्रदेश की बात की जाए तो गरीबी का स्तर दादर नगर हवेली में 28 फीसदी हैं। सबसे कम पंडुचेरी और लक्षद्वीप में हैं।

यूपी की योजनाओं की पोल खोलती रिपोर्ट :

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM yogi adityanath) और पीएम मोदी (PM modi) शुरुआत से इस बात को कह रहे हैं, की UP, 5 इंटरनेशनल एयरपोर्ट वाला देश का पहला राज्य है। वहीं UP में लागातर विकास कार्य किये जा रहे हैं, और योजनाओं भी बनाई जा रही है। लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक यूपी देश का तीसरा सबसे गरीब राज्य है।

Photo : niti aayog


यही नहीं, बच्चे और किशोर मृत्यु दर में UP पहले स्थान पर है। पोषण से वंचित राज्यो में UP चौथे स्थान पर है। मातृ स्वास्थ्य से वंचित क्षेत्रो में UP को दूसरा स्थान प्राप्त है। वहीं UP पांचवा ऐसा राज्य है जहां लोग स्कूली शिक्षा से वंचित हैं। इसके अलावा पीने के पानी से वंचित, साफसफाई से वंचित, इलेक्ट्रिसिटी से वंचित और हाउसिंग के मामले में भी UP टॉप 10 राज्यों में शामिल हैं।


यूपी में CM योगी की योजनाएं :

PMmodiyojana.in के मुताबिक, 2021 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री सीएम योगी आदित्यनाथ ने कई योजनाओं का शुभारंभ किया। जिनमें उत्तर प्रदेश गोपालक योजना, फ्री टेबलेट/ स्मार्ट फोन योजना, यूपी स्कॉलर शिप योजना, यूपी शादी अनुदान योजना, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना, मुख्यमंत्री प्रवासी उघमिता विकास योजना, यूपी आसान क़िस्त योजना, बीसी सखी योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना और भी न जाने कितनी योजना शामिल हैं।

लेकिन मुद्दा ये है कि इतनी योजनाओं के बाद भी ज़मीनी स्तर पर कोई असर नहीं दिखता। उत्तर प्रदेश की हालत खस्ता है। यहाँ रोटी, कपड़ा मकान और शिक्षा जैसी मुलभुत सुविधाएं भी ठीक प्रकार से मिल जाए तो बड़ी बात है। हालांकि, नेताओं और राजनेताओं के मुताबिक, यूपी हाईटेक है।

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